चाहतों में जो रंग था, वह अब फीका पड़ा है,
किस्मत का खेल देखिए, जिसे चाहा था दिल से, वही दूर हो गया।
मगर आज भी तेरा नाम दिल से मिटा नहीं पाया।
कोई दिल के करीब आकर भी दूर चला जाता है, और कोई दूर रहकर भी दिल के करीब होता है।
पर अब भीड़ में भी तन्हा रहना सीख लिया है।”
तुमसे जितना प्यार किया था, उतना ही दुख सहना पड़ा,
जो हमारे बिना खुश हैं, हम उन्हें मुस्कुराने की दुआ देते हैं, जो हमारे साथ नहीं, हम उन्हें यादों Sad Shayari में सजा देते हैं।
वो जो कहते थे कभी तुम्हें छोड़ नहीं सकते, आज उन्होंने ही हमें छोड़ दिया।
तुझे देख बिना ये चेहरा खिल नहीं सकता।।
रात भर जागता हूं तेरी यादों में, कभी तू भी सो ना पाए, ऐसी कोई दुआ करूं?
अब तो बस ख़ामोशी से दर्द का इलाज करते हैं।
लेकिन जो खौफ है दिल में, वह कभी खत्म नहीं होता…!!!
बातें तो बहुत थीं कहने को, पर वो इतना दूर चला गया कि खामोश रहना पड़ा।
पर उसने सिर्फ़ वक़्त गुज़ारा, याद नहीं रखा।